Site icon samajsanchar.com

महाराष्ट्र में अंधविश्वास बढ़ना सरकार की विफलता : कांग्रेस का आरोप

Spread the love

महात्मा फुले, छत्रपति शाहू महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे समाज सुधारकों से महाराष्ट्र की पहचान

पुणे, प्रतिनिधि: राज्य में बढ़ती अंधश्रद्धा और भोंदूगिरी को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाळदादा तिवारी ने कहा कि अंधविश्वास का फैलना शासन की असफलता को दर्शाता है और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता के कारण ऐसे मामलों में वृद्धि हो रही है।

पुणे कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में तिवारी ने कहा कि जब समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तर्क आधारित निर्णय लेने की प्रवृत्ति कमजोर हो जाती है, तब भय और अंधविश्वास बढ़ता है। इसका फायदा उठाकर भोंदू लोग निर्दोष नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं का शोषण करते हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य में अंधश्रद्धा और जादू-टोना विरोधी कानून समाज की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरण के अभाव में इसका उद्देश्य अधूरा रह गया है।
तिवारी ने महात्मा फुले, छत्रपति शाहू महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे समाज सुधारकों का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की पहचान प्रगतिशील विचारधारा से रही है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इस छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की कि अंधश्रद्धा विरोधी कानून का सख्ती से पालन किया जाए, व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में फैल रहे अंधविश्वास पर रोक लगाई जा सके।

तिवारी ने आरोप लगाया कि जब आम जनता का भरोसा सरकारी व्यवस्था से उठने लगता है, तब लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए तथाकथित बाबाओं की ओर आकर्षित होते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में भोंदू बाबाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिससे ऐसे तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई न होने से स्थिति गंभीर बनती जा रही है।

 

Exit mobile version