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सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 1.36 करोड़ की ठगी

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बारामती पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गिरोह के आरोपी गिरफ्तार

पुणे। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवकों-युवतियों सहित कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बारामती तालुका पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी नियुक्ति पत्र देकर करीब 1 करोड़ 36 लाख 90 हजार रुपये की ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 से 4 मई 2025 के दौरान तांदुळवाडी (ता. बारामती) स्थित महिला अस्पताल तथा मळद परिसर में आरोपी अनिकेत धनंजय पाठक ने “ग्रुप-सी अधिपरिचारिका” पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया। उसने महिला अस्पताल की स्टाफ नर्सों और अन्य लोगों से पहचान बढ़ाई। इसके बाद अजिंक्य पाठक, सिओना साळवे उर्फ सिओना अनिकेत पाठक, सुधाकर सोलंकी, सागर गायकवाड और सूरज असदकर की मदद से शिकायतकर्ता और गवाहों से समय-समय पर ऑनलाइन तथा नकद रूप में कुल 1 करोड़ 36 लाख 90 हजार रुपये वसूले गए।
विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए, लेकिन वास्तविकता में किसी को नौकरी नहीं मिली। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और मामला उजागर हुआ।
इस प्रकरण में बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में मार्च 2026 में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सूरज तिमयया असदकर अपनी पत्नी से मिलने चिंचवडगांव स्थित घर आने वाला है। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने आर्थिक लाभ के लिए आपसी साजिश के तहत अपराध करना स्वीकार किया, ऐसी जानकारी पुलिस ने दी। अदालत ने आरोपी को 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इससे पहले अजिंक्य पाठक (दौंड निवासी) और सुधाकर सोलंकी (यरवडा निवासी) को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह कार्रवाई पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह गिल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश बिरादार तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन राठोड के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर यादव, सहायक पुलिस निरीक्षक विक्रम पवार और उनकी टीम ने की। मामले की आगे की जांच जारी है।

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