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 शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर 10 दिनों की अस्थायी रोक

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ट्रैफिक जाम और हादसों पर अंकुश लगाने का प्रशासन का फैसला

पुणे। शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और भारी वाहनों के कारण होने वाली जानलेवा दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय की सीमा में 15 जून से 24 जून 2026 तक भारी, अति-भारी तथा मल्टी-एक्सल वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। इस संबंध में पुणे के जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी जितेंद्र डूडी ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत अधिसूचना जारी की है।
प्रशासन के अनुसार, पुणे शहर के तेजी से विस्तार के कारण सड़कें और वैकल्पिक मार्ग अपनी क्षमता से अधिक दबाव झेल रहे हैं। सोलापुर, अहिल्यानगर, नाशिक, मुंबई और सातारा राजमार्गों से आने वाले भारी वाहनों के कारण शहर के अंदर लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।
विशेष रूप से मुंढवा स्थित चंचलाताई कोद्रे पुल, जो मगरपट्टा और खराड़ी क्षेत्र को जोड़ने वाला प्रमुख एवं एकमात्र मार्ग है, वहां भारी वाहनों के कारण गंभीर यातायात बाधा और दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ी हैं। वर्ष 2026 में अब तक पुणे शहर में 30 घातक सड़क दुर्घटनाओं में 31 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर इस निर्णय को फिलहाल प्रायोगिक तौर पर लागू किया गया है।
यह प्रतिबंध 15 जून की मध्यरात्रि से लागू होकर 24 जून की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में केवल शहर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों को पुणे में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उन्हें वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
वैकल्पिक मार्ग इस प्रकार रहेंगे—
सोलापुर से मुंबई जाने वाले वाहन केडगांव चौफुला–न्हावरे–तालेगांव ढमढेरे–शिक्रापुर–चाकण मार्ग अथवा उरुली कांचन–कोरेगांव मूल–आष्टापुर मार्ग का उपयोग करेंगे।
मुंबई से सोलापुर जाने वाले वाहन तालेगांव दाभाडे–चाकण–शिक्रापुर–तालेगांव ढमढेरे–न्हावरे–केडगांव चौफुला मार्ग से गुजरेंगे। इसके अलावा कात्रज–मंतरवाड़ी फाटा–वाढकी–दिवेघाट–सासवड–जेजुरी मार्ग भी उपलब्ध रहेगा।
मुंबई से अहिल्यानगर जाने वाले भारी वाहन तालेगांव–चाकण–खेड–मंचर–नारायणगांव–आळेफाटा मार्ग अथवा नाशिक फाटा–भोसरी–चाकण–शिक्रापुर–शिरूर मार्ग का उपयोग करेंगे।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस अस्थायी व्यवस्था से शहर में यातायात सुचारु होगा, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

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