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ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी – केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

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पुणे : भारत में ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी इकोसिस्टम को और मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT), ऑटोसिफू प्रा. लि. और जगमंगल सोशल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी प्रिंसिपल्स मीट 2026’ (Leadership and Institutional Engagement Meet on Automotive Cybersecurity Talent Development Ecosystem) का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि वाहनों में सॉफ्टवेयर और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सुरक्षित और विश्वसनीय मोबिलिटी के लिए साइबर सिक्योरिटी एक महत्वपूर्ण आधारस्तंभ बन गई है। ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी का संबंध केवल वाहन सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और उपभोक्ताओं के विश्वास से भी सीधे जुड़ी हुई है।
इस कार्यक्रम में  डॉ. देवेंद्र सिंह, निदेशक, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT); फारुख मखदूम, प्रमुख – एमडीसी एवं ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी, CIRT; प्रिया गुजराथी, संस्थापक निदेशक, जगमंगल सोशल फाउंडेशन; डॉ. शाहाजी सोलुंखे, IPS, विशेष पुलिस महानिरीक्षक (सेवानिवृत्त); जगन्नाथ तिवारी, निदेशक एवं सह-संस्थापक, ऑटोसिफू प्रा. लि.; विक्रम पगारे, प्रमुख – ऑपरेशंस, ऑटोसिफू प्रा. लि.; विद्यावाचस्पति विद्यानंद प्रा. डॉ. शैलेश कुलकर्णी, शैक्षणिक सलाहकार, जगमंगल सोशल फाउंडेशन; राहुल सुलताने, प्रबंध निदेशक, केथ इलेक्ट्रो सर्किट्स प्रा. लि.; मिलिंद पगारे, उपाध्यक्ष – अनुसंधान एवं विकास (R&D), बजाज ऑटो लिमिटेड; लोकेश कुमार, विशेषज्ञ – तकनीकी प्रशिक्षण एवं औद्योगिक अनुप्रयोग, स्कोडा-फॉक्सवैगन समूह; महेश शहापुरे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष – अनुसंधान एवं विकास (R&D), नॉर-ब्रेम्से सिस्टम्स फॉर कमर्शियल व्हीकल्स; अरुण बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष – बिक्री एवं विपणन; तथा
डॉ. संदीप पाधारवाडकर,डॉ. मोहन वामन, डॉ. आशिष पानट, डॉ. संतोष सोनवणे, डॉ. संदीप पाचपांडे, डॉ. आशिष पानट, डॉ. कीर्ती धारवाडकर, फिलिप जॉन, विभागीय प्रबंधक, अशोक लेलैंड सहित उद्योग, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नितिन गडकरी ने कहा, ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी टैलेंट डेवलपमेंट इकोसिस्टम (ACTDE) मोबिलिटी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करना है।
CIRT के निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह, IAS ने कहा कि उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और विशेषज्ञों के बीच मजबूत सहयोग से भारत में ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सकेगा। ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी प्रमुख फारुख मखदूम ने बताया कि वैश्विक मानकों के अनुरूप केंद्र सरकार ने वाहनों के लिए साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम (CSMS) और सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट सिस्टम (SUMS) को नियामक ढांचे में शामिल किया है। इससे वाहन निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा को और अधिक प्राथमिकता मिलेगी।
CIRT की ओर से बताया गया कि आधुनिक वाहन अब केवल यांत्रिक साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि वे सॉफ्टवेयर आधारित कनेक्टेड डिजिटल सिस्टम बन चुके हैं। ऐसे में वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है।
50,000 विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 सितंबर से 25 सितंबर तक विशेष जनजागरूकता अभियान
तेजस गुजराथी ने बताया, ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 सितंबर से 25 सितंबर तक विशेष जनजागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान में BCA, MCA और इंजीनियरिंग शाखा के करीब 50,000 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा।  कि इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की सॉफ्टवेयर आधारित वाहन तकनीक, ऑटोमोटिव साइबर सिक्योरिटी से जुड़े संभावित खतरों और इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर के अवसरों की जानकारी दी जाएगी।
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