नवाचार को ग्रामीण समुदायों से जोड़ना
मुंबई: 16 अगस्त 2026: नाबार्ड ने भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (OPSA) के सहयोग से ग्रामीण नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए RSVC-AMRIT प्लेटफॉर्म विकसित किया है। AMRIT (Accelerated Medium for Rural Innovations and Technologies) एक डिजिटल आधारभूत मंच है, जिसे RuTAGe Smart Village Centre (RSVC) इकोसिस्टम को मजबूत करने और प्रौद्योगिकी आधारित ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।
इस पोर्टल का शुभारंभ भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने किया। इस अवसर पर नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. तथा विभिन्न संगठनों और हितधारकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
अपने संबोधन में नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. ने रेखांकित किया कि भारत के सामने प्रमुख चुनौती नवाचारों की कमी नहीं, बल्कि ग्रामीण जरूरतों, प्रौद्योगिकियों, सत्यापन तंत्र, कार्यान्वयन एजेंसियों और वित्त के बीच की खाई को पाटना है। उन्होंने AMRIT प्लेटफॉर्म को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को अधिक तेज़ी और पारदर्शी तरीके से अपनाने में सक्षम बनाने वाला माध्यम बताया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण समुदायों को उपयुक्त और प्रमाणित समाधानों की पहचान करने में मदद करेगा तथा सूचना की असमानता को कम करेगा। नाबार्ड और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के बीच साझेदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने अनुसंधान संस्थानों, नवोन्मेषकों, स्टार्टअप्स, सरकारी एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों और सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
अध्यक्ष ने आगे कहा कि AMRIT और RSVCs की सफलता का आकलन जमीनी स्तर पर इनके उपयोग, आजीविका में सुधार, उत्पादकता में वृद्धि तथा किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों तक पहुंचने वाले लाभों के आधार पर किया जाना चाहिए। इससे ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में योगदान मिलेगा।
RSVC पहल के तहत गांव स्तर पर स्थापित स्थानीय प्रौद्योगिकी केंद्रों के माध्यम से अनुसंधान संस्थानों, नवोन्मेषकों और स्टार्टअप्स से उपयुक्त और किफायती प्रौद्योगिकियों को ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाने में सहायता की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत कृषि, ग्रामीण उद्यम, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, सहायक प्रौद्योगिकियां, जल एवं स्वच्छता तथा नागरिक सेवाओं से संबंधित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

