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गुरुवार से वंडरफोल्ड 2025’ ओरिगामी कला प्रदर्शनी का आयोजन

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कागज से सजे अष्टविनायक होंगे खास आकर्षण

पुणे, इंदुताई टिळक कला केंद्र और ओरिगामी मित्र के संयुक्त उपक्रमांतर्गत ‘वंडरफोल्ड 2025’ इस ओरिगामी कला प्रदर्शनी का आयोजन 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी अपने 18वें वर्ष में प्रवेश कर रही है और टिळक रोड स्थित टिळक स्मारक मंदिर में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक सर्वसामान्यांसाठी खुली राहेगी।

गुरुवार, 30 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन टिळक महाराष्ट्र विद्यापीठ की कुलगुरु डॉ. गिताली टिळक के हस्ते किया जाएगा। इस अवसर पर श्रीमती रजनी देवल एवं ओरिगामी मित्र समूह के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे।

ओरिगामी मित्र के मिलिंद केळकर ने जानकारी देते हुए कहा कि “जापानी पारंपरिक कला के रूप में प्रसिद्ध ओरिगामी को भारत में लोकप्रिय बनाने का उद्देश्य इस प्रदर्शनी के माध्यम से साध्य हो रहा है। इंदुताई टिळक, विश्वास देवल और अनिल अवचट ने 1990 के दशक में इस समूह की स्थापना की थी, और पिछले 35 वर्षों से हर दो वर्ष में एक बार यह प्रदर्शनी आयोजित की जाती है।”

इस वर्ष प्रदर्शनी डॉ. दीपक टिळक (लोकमान्य टिळक के पणतू एवं टिळक महाराष्ट्र विद्यापीठ के पूर्व कुलगुरु) को समर्पित की गई है। वहीं, कागज से निर्मित अष्टविनायक मूर्तियां इस बार का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। प्रदर्शनी में यह भी दर्शाया जाएगा कि ओरिगामी कला का उपयोग किन-किन क्षेत्रों में किया जा सकता है। इसके अलावा, दर्शकों को एक ही चौकोर कागज से बनाए गए विभिन्न प्रकार के पक्षी, प्राणी, फूल, कंटेनर, एक्शन मॉडल्स और ओरिगामी में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न तकनीकी तरीकों को देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

 

 

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