पुणे : अल्पसंख्यक विकास विभाग और राज्यस्तरीय समागम समिति की ओर से खारघर में 28 फरवरी और 1 मार्च को आयोजित ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी समागम के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर खारघर में आयोजित ‘हिंद दी चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी समागम में शामिल होने के लिए पुणे कैंप स्थित गुरु नानक दरबार से श्रद्धालुओं की बसें रवाना की गईं। इस अवसर पर महापौर मंजूषा नागपुरे ने हरी झंडी दिखाई।
इस मौके पर गुरुद्वारा परिसर में सुबह से ही संगत का उत्साह देखने को मिला। अरदास के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया गया। महापौर नागपुरे ने संगत के साथ बैठकर सेवा भाव से लंगर वितरण में भी सहभाग लिया। इस अवसर पर महापौर का शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान भी किया गया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का त्याग और बलिदान मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है और ऐसे समागम समाज में एकता, भाईचारे और सेवा भाव को मजबूत करते हैं। इस मौके पर कैंप स्थित गुरु नानक दरबार के गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष चरणजीत साहनी सहित कई लोग उपस्थित थे।
समागम समिति के सदस्यों और गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि खारघर में आयोजित इस ऐतिहासिक शहीदी समागम में बड़ी संख्या में पुणे से श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। बसों की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि संगत सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सके।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में आने वाली बस, कार और दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक पार्किंग स्थल से कार्यक्रम स्थल तक निःशुल्क पिकअप और ड्रॉप सेवा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा ओला-उबर सहित सभी टैक्सी सेवाओं के लिए अलग से पिकअप-ड्रॉप पॉइंट तय किए गए हैं, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। राज्यभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए 33 स्थानों पर रंग-कोडिंग के आधार पर पार्किंग व्यवस्था की गई है।
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