“पंचकल्याणक णमोकार का” गीत रसिकों के बीच प्रस्तुत; णमोकार तीर्थ की आध्यात्मिक अनुभूति संगीत के माध्यम से साकार

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  “पंचकल्याणक णमोकार का” गीत का भव्य लोकार्पण
 
भक्तों के श्रद्धा केंद्र के रूप में आकार ले रहे “णमोकार तीर्थ” के पावन पंचकल्याणक महोत्सव पर आधारित “पंचकल्याणक णमोकार का” यह भक्ति गीत हाल ही में रसिकों के बीच प्रस्तुत किया गया है। गणधराचार्य राष्ट्रसंत कुंथूसागरजी गुरुदेव के आशीर्वाद तथा जैन आचार्य परमपूज्य देवनन्दीजी गुरुदेव की संकल्पना से साकार हो रहे णमोकार तीर्थ की आध्यात्मिक भावना को इस गीत के माध्यम से सुरेल अभिव्यक्ति मिली है। णमोकार तीर्थ पंचकल्याणक महोत्सव 6 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच भव्य रूप से संपन्न हो रहा है।
 
इस भक्ति गीत का आधिकारिक लोकार्पण समारोह आचार्य गुरुदेव देवनन्दीजी, युगलमुनी अमोघकीर्तिजी गुरुदेव एवं अमरकीर्तिजी गुरुदेव महाराज, साथ ही अन्य त्यागी गण और गणमान्य व्यक्तियों के शुभहस्ते भक्तिभावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने गीत को उत्स्फूर्त प्रतिसाद दिया। मंगलमय शब्दों के माध्यम से इस गीत में णमोकार तीर्थ पंचकल्याणक महोत्सव का भक्तिरस से परिपूर्ण वर्णन किया गया है। गीत के बोल जैन धर्म की श्रद्धा, उत्सव, समर्पण और आनंद का प्रभावी दर्शन कराते हैं।
 
इस गीत की शब्दरचना डॉ. ममता जैन (दुबई) द्वारा की गई है, जबकि संगीत एवं गायन की जिम्मेदारी हर्षित अभिराज ने कुशलतापूर्वक निभाई है। उनके स्वर में भक्ति भाव और संगीत में पारंपरिकता का सुंदर संगम श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करता है। इस भक्ति गीत का निर्माण णमोकार तीर्थ पंचकल्याणक महोत्सव समिति की ओर से किया गया है। इस अवसर पर समिति के संतोष पेंढारी, नीलम अजमेरा, बा. ब्र. वैशाली दीदी, कमल ठोलिया, दिनेश सेठी, पारस लोहाडे और महावीर अहिंसा ट्रस्ट के अजित पाटील, शांतीनाथ पाटील, धन्यकुमार चिंचवाडे सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे।
 
“पंचकल्याणक णमोकार का” यह गीत केवल एक भक्ति रचना नहीं, बल्कि जैन धर्म की महान परंपरा, पंचकल्याणक उत्सव के आध्यात्मिक महत्व और णमोकार तीर्थ की पवित्रता का सुरेल प्रवास है। यह गीत श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, आनंद और श्रद्धा की ज्योति प्रज्वलित करेगा, ऐसा विश्वास व्यक्त किया जा रहा है।

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