नया आयकर कानून 2025 होगा अधिक सरल और पारदर्शी : विवेक वाडेकर

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15 मई को “प्रारंभ 2026” के तहत आयकर अधिनियम 2025 पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पुणे : प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, पुणे की ओर से “प्रारंभ 2026” — Policy Reform and Responsible Action for Mission Viksit Bharat — राष्ट्रीय जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत आयकर अधिनियम 2025 विषयक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 20 मार्च 2026 को शुरू किए गए देशव्यापी जागरूकता अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए आयकर अधिनियम 2025 के बारे में करदाताओं, उद्योग जगत, पेशेवरों और आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना है। यह जानकारी विवेक वाडेकर, आयुक्त, प्रधान मुख्य आयकर, पुणे ने आयकर भवन, पुणे में आयोजित पत्रकार परिषद में दी।

उन्होंने कहा कि नया आयकर अधिनियम 2025 भारत की प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में एक व्यापक और महत्वपूर्ण सुधार है। यह कानून कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी, तकनीक आधारित और करदाता केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

श्री वाडेकर ने बताया कि यह कार्यक्रम शुक्रवार, 15 मई 2026 को सुबह 10:30 बजे ऑडिटोरियम, दूसरी मंजिल, कॉसमॉस टॉवर, प्लॉट नंबर 6, आईसीएस कॉलोनी, यूनिवर्सिटी रोड, गणेशखिंड, शिवाजीनगर, पुणे में आयोजित किया जाएगा।
“प्रारंभ 2026” कार्यक्रम में सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। वहीं, लीला पूनावाला और श्री प्रदीप भार्गव विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न पेशेवर संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।

नए कानून की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री वाडेकर ने बताया कि पुराने कानून में मौजूद 819 धाराओं को घटाकर अब 536 धाराएं कर दी गई हैं। वहीं 47 अध्यायों की जगह अब 23 अध्याय बनाए गए हैं। इसके साथ ही कानून की भाषा, संरचना और प्रस्तुति को अधिक सरल, स्पष्ट और सुबोध बनाया गया है, ताकि आम करदाता भी इसे आसानी से समझ सके। उन्होंने बताया कि आयकर नियमों की संख्या 511 से घटाकर 333 कर दी गई है, जबकि विभिन्न फॉर्म्स की संख्या 399 से घटाकर 190 कर दी गई है। इससे कर प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान और व्यवस्थित हो जाएगी।

श्री वाडेकर ने कहा कि नए आयकर कानून की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरलता है। अब एक सामान्य व्यक्ति भी कानून को पढ़कर उसकी प्रमुख व्यवस्थाओं को आसानी से समझ सकेगा। पुराने कानून की जटिलताओं को दूर कर इसे अधिक व्यवहारिक और जनहितकारी बनाया गया है।

“प्रारंभ 2026” कार्यक्रम में वरिष्ठ आयकर अधिकारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स कंसल्टेंट, विधि विशेषज्ञ, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, उद्योग संघटनाएं और शिक्षण क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम में नए कानून के व्यावहारिक प्रभाव, कर प्रशासन में सुधार, तकनीक के बढ़ते उपयोग, स्वैच्छिक कर अनुपालन और करदाताओं के साथ विश्वास आधारित संवाद जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।

नए कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयकर विभाग द्वारा बहुभाषीय जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत FAQs, मार्गदर्शक सामग्री, “कर साथी” एआई आधारित चैटबॉट, “कर सेतु” गाइडबुक तथा “संवाद” हितधारक संवाद पहल जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं।

आयकर विभाग के अनुसार, यह कार्यक्रम नए आयकर अधिनियम 2025 के प्रति जागरूकता बढ़ाने, करदाताओं और विभाग के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने तथा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

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