संकट की घड़ी में गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार बना सहारा, विद्यार्थियों के लिए शुरू की नि:शुल्क लंगर सेवा

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पुणे: देश में चल रहे वैश्विक संकट के प्रभाव के बीच, पुणे में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों विद्यार्थियों के सामने भोजन की समस्या खड़ी हो गई थी। ऐसे कठिन समय में गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए छात्रों के लिए नि:शुल्क लंगर सेवा शुरू की है।

गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में करीब 350 से 400 विद्यार्थी रोजाना इस लंगर सेवा का लाभ उठा रहे हैं। यह सेवा खासतौर पर उन छात्रों के लिए शुरू की गई है जो अन्य शहरों से पढ़ाई के लिए पुणे आए हैं और आर्थिक या अन्य कारणों से भोजन की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे।

गुरुद्वारा के अध्यक्ष चरणजीत सिंह साहनी ने जानकारी देते हुए बताया कि सिख धर्म “सरबत दा भला” (सभी का कल्याण) के सिद्धांत पर आधारित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि किसी भी छात्र को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन करीब 350 से 400 विद्यार्थी इस लंगर सेवा का लाभ उठा रहे हैं।गुरुद्वारा में विद्यार्थियों के लिए दोपहर और रात, दोनों समय भोजन की व्यवस्था की गई है। दोपहर का लंगर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक और रात का लंगर 8:30 बजे से 10:00 बजे तक चलता है। इस दौरान कोई भी जरूरतमंद छात्र बिना किसी भेदभाव के आकर नि:शुल्क भोजन कर सकता है। इसी भावना के तहत संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों की मदद के लिए यह कदम उठाया गया है।

दोनों समय मिल रहा भोजन

गुरुद्वारा में दोपहर और रात, दोनों समय भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दोपहर का लंगर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक और रात का लंगर 8:30 बजे से 10:00 बजे तक चलता है। कोई भी जरूरतमंद छात्र यहां आकर नि:शुल्क भोजन कर सकता है।

सेवा में जुटे स्वयंसेवक

इस सेवा को सफल बनाने के लिए गुरुद्वारा से जुड़े कई स्वयंसेवक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वे न केवल भोजन तैयार कर रहे हैं बल्कि सफाई और वितरण की व्यवस्था भी संभाल रहे हैं।

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