मुंबई : National Company Law Tribunal (एनसीएलटी), मुंबई पीठ ने मार्वेल ग्रुप के मालिक एवं प्रमोटर विश्वजीत झावर के विरुद्ध व्यक्तिगत गारंटर के रूप में दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। यह आदेश प्रकरण संख्या C.P. (IB)/1233(MB)2025 में पारित किया गया।
यह याचिका APRN Enterprises Private Limited (पूर्व नाम अंसापैक प्रा. लि.) द्वारा दायर की गई थी। संबंधित ऋण लेन-देन मार्वेल ग्रुप की कंपनी Marveledge Realtors Private Limited से जुड़ा है, जो विश्वजीत झावर के स्वामित्व एवं नियंत्रण में है।
मामले की पृष्ठभूमि
वर्ष 2017 में APRN Enterprises Private Limited ने Marveledge Realtors Private Limited को इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट प्रदान किया था। ऋण की सुरक्षा हेतु विश्वजीत झावर ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी, जिसके अनुसार कंपनी द्वारा भुगतान न करने की स्थिति में वे स्वयं भुगतान के लिए उत्तरदायी होंगे।
मई 2017 में कंपनी द्वारा भुगतान में चूक (डिफॉल्ट) हुई। जनवरी 2025 में समझौता किया गया, लेकिन भुगतान नहीं होने पर मई 2025 में समझौता रद्द कर दिया गया और व्यक्तिगत गारंटी के तहत झावर से भुगतान की औपचारिक मांग की गई।
31 मई 2025 तक कुल बकाया राशि लगभग ₹226.89 करोड़ बताई गई है।
न्यायाधिकरण की टिप्पणी
एनसीएलटी ने अपने आदेश में कहा कि:
APRN Enterprises द्वारा व्यक्तिगत गारंटर के रूप में दिवालिया याचिका विधिवत दायर की गई है।
ऋण, डिफॉल्ट और व्यक्तिगत गारंटी के दस्तावेजी प्रमाण स्पष्ट रूप से उपलब्ध हैं।
विश्वजीत झावर द्वारा दी गई गारंटी पूर्ण, निरंतर एवं कानूनी रूप से लागू करने योग्य है।
कई अवसर दिए जाने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब दाखिल नहीं किया और न ही न्यायाधिकरण के समक्ष उपस्थित हुए।
आदेश का प्रभाव
विश्वजीत झावर के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
उनकी व्यक्तिगत संपत्तियों पर तत्काल मोरेटोरियम लागू कर दिया गया है, जिसके तहत वे अपनी संपत्ति बेच, हस्तांतरित, गिरवी या किसी प्रकार का भार सृजित नहीं कर सकते।
प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संचालित करने हेतु एक पेशेवर एजेंसी नियुक्त की गई है।
नियुक्त रेजोल्यूशन प्रोफेशनल है — Truvisory Insolvency Professionals Private Limited।
लेनदारों के लिए सार्वजनिक सूचना
रेजोल्यूशन प्रोफेशनल को 7 दिनों के भीतर एनसीएलटी, मुंबई पीठ की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है।
सभी लेनदारों को नोटिस के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर अपने दावे प्रस्तुत करने होंगे।


