“गायन में भावों की अभिव्यक्ति जरूरी” — पं. उपेंद्र भट

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24वीं ‘पुणे आयडॉल-2026’ गायन प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

पुणे | प्रतिनिधि : गायन केवल सुरों का खेल नहीं, बल्कि भावों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। श्रोताओं तक गीत का भाव प्रभावी ढंग से पहुंचाना हर गायक के लिए अति आवश्यक है। यह विचार प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. उपेंद्र भट ने व्यक्त किए। सोमेश्वर फाउंडेशन की ओर से आयोजित 24वीं ‘पुणे आयडॉल-2026’ गायन प्रतियोगिता का उद्घाटन पं. उपेंद्र भट के हस्ते दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह प्रतियोगिता दिवंगत विधायक विनायक निम्हण की संकल्पना से शुरू हुई थी। अपने मार्गदर्शन में पं. भट ने कहा कि केवल किसी गायक की नकल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गीत के अर्थ और भाव को समझकर प्रस्तुत करना ही सच्ची कला है। उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्रीय संगीत की मजबूत नींव हर गायक के लिए जरूरी है। इस दौरान उन्होंने पं. भीमसेन जोशी, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, आशा भोसले और लता मंगेशकर जैसे महान कलाकारों को याद किया। साथ ही ‘रस बरसत अमृत वेणा’ युगल गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।
इस अवसर पर उपमहापौर परशुराम वाडेकर ने कहा कि संगीत समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचार को दोहराते हुए कहा कि “सौ भाषणों से अधिक प्रभाव एक गीत का होता है।”

इस अवसर पर  सोमेश्वर फाउंडेशन की  अध्यक्षा एवं पूर्व नगरसेविका स्वाती निम्हण, नगरसेविका भक्ती गायकवाड, नगरसेविका सपना छाजेड,नगरसेविका मयुरी कोकाटे,बिपिन मोदी ,वसंतराव जुनवणे, ज्ञानेश्वर मुरकुटे, एवं प्रतियोगिता परीक्षक जितेंद्र भूरूक व मनीषा निश्चल आदी मान्यवर उपस्थित थे.

कार्यक्रम में सोमेश्वर फाउंडेशन की अध्यक्षा स्वाती निम्हण ने बताया कि ‘पुणे आयडॉल’ प्रतियोगिता को राज्यभर से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है और भविष्य में इसे ‘महाराष्ट्र आयडॉल’ के रूप में विस्तारित करने की योजना है।

इस वर्ष प्रतियोगिता में 560 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है, जिनमें 4 वर्ष की मृणाल देशपांडे से लेकर 80 वर्ष के अमर गोसावी तक शामिल हैं। नागपुर, संभाजीनगर, सोलापुर, कोल्हापुर और मुंबई सहित विभिन्न शहरों से प्रतिभागियों की भागीदारी देखने को मिली। तीन दिन तक प्रारंभिक दौर आयोजित होंगे, जिसके बाद अंतिम फेरी होगी। उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मिलिंद कुलकर्णी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अमित मुरकुटे ने किया। यह प्रतियोगिता नवोदित गायकों के लिए एक मजबूत मंच के रूप में उभर रही है।

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