पुणे। ऊर्जा और तापमान नियंत्रण समाधान क्षेत्र की वैश्विक अग्रणी कंपनी एग्रिको इंडिया ने अगले दस वर्षों में पुणे में 400 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। इस संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नबीस की उपस्थिति में राज्य सरकार के साथ करार किया गया। इस निवेश से एक हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
कंपनी पुणे जिले के फुलगांव में अत्याधुनिक वैश्विक इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग सेंटर स्थापित करेगी, जिसका कार्य इसी वर्ष शुरू होने जा रहा है। विशेष बात यह है कि स्कॉटलैंड के बाहर स्थापित होने वाला यह ‘अग्रेको’ का दुनिया का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण केंद्र होगा।
इस परियोजना से स्थानीय सप्लाई चेन को बड़ी गति मिलेगी तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। साथ ही अत्याधुनिक उत्पादन, ऊर्जा उपकरण निर्माण और प्रिसीजन इंजीनियरिंग क्षेत्र में महाराष्ट्र की क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
पुणे परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक अनुमति, पंजीकरण, मंजूरी, रियायतें तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में मौजूदा नीतियों के अनुसार सहयोग दिया जाएगा। उद्योग, ऊर्जा, श्रम और खनन विभागों के माध्यम से इस निवेश परियोजना को गति प्रदान की जाएगी।
इस करार के तहत ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ प्रौद्योगिकी आधारित समाधान विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा कार्यक्षमता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुणे अब ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है और इस जीसीसी राजधानी में अग्रेको कंपनी का स्वागत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत, विशेष रूप से महाराष्ट्र में कंपनी को उत्कृष्ट कार्य वातावरण मिलेगा।
इसी दौरान मुंबई में मोदी सरकार के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘राष्ट्रनिर्माणाची तपपूर्ती’ नामक विशेष स्मारक अंक का विमोचन भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति विश्व को आश्चर्यचकित करने वाली है और पिछले 12 वर्षों में देश आत्मनिर्भर भारत के रूप में विश्व पटल पर स्वाभिमान के साथ खड़ा हुआ है।
पुणे में 400 करोड़ का निवेश; मुख्यमंत्री की मौजूदगी में समझौता, 1000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे


