पुणे : जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले को लेकर शुक्रवार को पिंपरी-चिंचवड़ में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही पुलिस और संबंधित प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए।
विधायक शंकर जगताप ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क किया है। उन्होंने अवैध शराब कारोबार को संरक्षण देने या उस पर आंख मूंदने वाले पुलिस अधिकारियों तथा राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के कर्मचारियों पर तत्काल गैर-इरादतन हत्या (सदोष मानव वध) का मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल शराब बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि पूरे रैकेट के सरगनाओं तक पहुंचकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
जगताप ने बताया कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही क्षेत्र में रात 11 बजे के बाद सभी दुकानों को बंद रखने और पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में विपक्ष के नेता भाऊसाहेब भोईर ने कहा कि पीड़ित परिवारों के दुख में पूरा शहर उनके साथ है। उन्होंने प्रशासन से अवैध शराब, नशे के कारोबार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की।
मनसे के शहराध्यक्ष सचिन चिखले ने कहा कि यह हादसा अवैध शराब बनाने, संग्रहित करने और बेचने वाले आपराधिक गिरोहों की करतूत का परिणाम है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
वहीं आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि अवैध हाथभट्टी शराब बिक्री और उससे जुड़े तंत्र के खिलाफ पहले ही पुलिस आयुक्त को लिखित चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने उसे नजरअंदाज कर दिया। पार्टी का कहना है कि समय रहते सख्त कदम उठाए गए होते तो निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पार्टी ने इस दुखद घटना के लिए पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता और लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
पुणे जहरीली शराब कांड पर पिंपरी-चिंचवड़ में आक्रोश, पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप


