पुणे। येरवडा केंद्रीय कारागृह की बैरक नंबर 1 में हुई एक गंभीर और सनसनीखेज घटना में दो कैदियों ने एक अन्य कैदी पर फर्शी के टुकड़े से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान विशाल नागनाथ कांबळे (उम्र 28, निवासी लक्ष्मीनगर, येरवडा) के रूप में हुई है। यह हमला 15 दिसंबर की सुबह लगभग सवा छह बजे हुआ था।
इस मामले में पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन उपचार के दौरान विशाल कांबळे की मृत्यु हो जाने के बाद आरोपियों पर हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। आरोपी आकाश सतीश चंडालिया (उम्र 30, निवासी जय जवान नगर) और दीपक संजय रेड्डी (उम्र 27, निवासी इंद्रायणी कॉलोनी, कामशेत) हैं।
पुलिस के अनुसार, जेल के भीतर ही तीनों कैदियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि आकाश चंडालिया और दीपक रेड्डी ने फर्शी का टुकड़ा उठाकर विशाल कांबळे पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर जेल के रक्षकों ने तुरंत हस्तक्षेप कर आरोपियों को काबू में लिया और घायल कांबळे को उपचार के लिए ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इलाज के दौरान शुक्रवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही येरवडा विभाग की सहायक पुलिस आयुक्त प्रांजली सोनवणे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अंजुमन बागवान घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
कांबळे की मौत की खबर मिलते ही ससून अस्पताल परिसर में उसके परिजनों की भीड़ जमा हो गई, जिसके चलते बंडगार्डन पुलिस को अतिरिक्त बंदोबस्त करना पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर येरवडा जेल की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों पर नियंत्रण और जेल प्रशासन की सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल के भीतर फर्शी जैसे भारी सामान का हथियार के रूप में इस्तेमाल होना सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है।
एक फर्शी, तीन कैदी और एक मौत – येरवडा जेल की चौंकाने वाली घटना


