पिंपरी। उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पवार ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पीसीएमसी) में वर्ष 2017 से 2022 तक भाजपा के शासन और उसके बाद तीन वर्षों तक चले प्रशासकीय कार्यकाल पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीसीएमसी आज भ्रष्टाचार से ग्रस्त है और कर्ज़ के बोझ तले दबी हुई है।
पिंपरी-चिंचवड़ में आयोजित एक पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि एनसीपी के कार्यकाल के दौरान पीसीएमसी के पास 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि थी। “बीते नौ वर्षों में यह जमा राशि बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत यह घटकर मात्र 2,000 करोड़ रुपये रह गई है। इसका अर्थ है कि करीब 8,000 करोड़ रुपये की जमा राशि खर्च कर दी गई। यदि इतना धन उपयोग में लाया गया है तो वह ज़मीन पर विकास कार्यों के रूप में दिखाई क्यों नहीं देता?” उन्होंने सवाल किया।
पवार ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम ने भारी मात्रा में बांड जारी कर ऋण लिया, जिससे पीसीएमसी की वित्तीय स्थिति और अधिक खराब हुई। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा अपने निर्धारित बजट से कहीं अधिक खर्च किया गया। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि केवल सिविल वर्क्स विभाग ने अपने बजट से 2,700 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए।
शहर की बदहाल बुनियादी सुविधाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए पवार ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में दूरदर्शिता और नियोजन का अभाव रहा। “सड़कों की हालत जर्जर है, जगह-जगह गड्ढे हैं, यातायात जाम आम हो गया है, नदियों का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है,” उन्होंने कहा।
यातायात व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, “एनसीपी के शासनकाल में नागरिक निगडी से दापोडी मात्र 10 मिनट में पहुंच जाते थे। आज लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता है।”
उन्होंने ‘रोड डिगिंग माफिया’ के सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए कहा कि औद्योगिक शहर की सड़कें पूरी तरह से नष्ट कर दी गई हैं। “टेलीकॉम कंपनियां बिना अनुमति के सड़कों की खुदाई कर रही हैं,” उन्होंने कहा।
अर्बन स्ट्रीट डिज़ाइन के नाम पर किए गए कार्यों की आलोचना करते हुए पवार ने कहा कि फुटपाथ चौड़े कर दिए गए हैं और सड़कें संकरी हो गई हैं। “फुटपाथों पर अतिक्रमण है, पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। मेट्रो स्टेशनों के नीचे और सड़कों पर वाहन खड़े रहते हैं। भाजपा शासन में कोई प्रभावी पार्किंग नीति लागू नहीं की गई,” उन्होंने कहा। उन्होंने ई-साइकिल और स्मार्ट पार्किंग ऐप जैसी परियोजनाओं में करोड़ों रुपये के नुकसान का भी आरोप लगाया।
पवार ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों के ‘रिंग’ बनाकर टेंडर हासिल किए जाते हैं, जिससे लागत बढ़ाई जाती है। “टेंडर दस्तावेजों में व्हाइटनर से गुप्त बदलाव किए गए। डेढ़ किलोमीटर सड़क के लिए 81 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, जबकि इतनी लागत की आवश्यकता नहीं थी,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान हजारों आवारा कुत्तों की नसबंदी दिखाकर 71 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए। ई-क्लासरूम परियोजना पर भी सवाल उठाते हुए पवार ने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने के कारण छात्रों को अपने निजी मोबाइल डेटा का उपयोग करना पड़ा।
भाजपा शासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पवार ने कहा कि इसी अवधि में पीसीएमसी के एक स्थायी समिति अध्यक्ष को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया, जो नगर निगम के इतिहास में पहली बार हुआ। “हमारे कार्यकाल में ऐसा कभी नहीं हुआ,” उन्होंने कहा।
पवार ने दावा किया कि यदि जनता एनसीपी को दोबारा सत्ता में लाती है तो पीसीएमसी की खोई हुई प्रतिष्ठा और विकास को पुनः स्थापित किया जाएगा। “हम भ्रष्टाचार के राक्षस का वध करना चाहते हैं। खुलेआम लूट चल रही है,” उन्होंने कहा।
बिना मुकाबले चुने गए भाजपा उम्मीदवारों पर टिप्पणी करते हुए पवार ने कहा कि पहले भी निर्विरोध चुनाव हुए हैं, लेकिन वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत थे। “आज कई क्षेत्रों में इतना आतंक है कि उम्मीदवार नामांकन भरने से डरते हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में भाजपा के रवि लांडे (वार्ड 6) और सुप्रिया चांदगुडे (वार्ड 10) निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। भाजपा एमएलसी अमित गोरखे ने इसे जनता के विश्वास और पार्टी की रणनीति का परिणाम बताया है।
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