सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूशन्स में स्वामी विवेकानंद एवं राजमाता जिजाऊ जयंती उत्साह के साथ मनाई गई विचार, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण का जागरण
पुणे : सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूशन्स में स्वामी विवेकानंद जयंती तथा राष्ट्रमाता राजमाता जिजाऊ जयंती के अवसर पर एक प्रेरणादायी एवं गौरवपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष समारोह में शिक्षा, समाजसेवा एवं राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. दत्ता कोहिंकर को प्रतिष्ठित ‘स्वामी विवेकानंद पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद एवं राजमाता जिजाऊ की प्रतिमा के पूजन तथा दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर दोनों महान विभूतियों के विचारों, आदर्शों एवं राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने युवाओं से चरित्रवान, आत्मविश्वासी एवं समाजोन्मुख जीवन जीने का संदेश दिया।
पुरस्कार स्वीकार करते हुए डॉ. दत्ता कोहिंकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों की आज के समय में प्रासंगिकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मंत्र दिया, जबकि राजमाता जिजाऊ ने शिवाजी महाराज जैसे आदर्श नेतृत्व का निर्माण किया। यदि इन विचारों को अपनाया जाए तो एक सक्षम एवं सशक्त भारत का निर्माण संभव है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह पुरस्कार उन्हें आगे और अधिक कार्य करने की प्रेरणा एवं ऊर्जा प्रदान करता है।
इस अवसर पर सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय चोरडिया ने अपने संबोधन में मूल्याधारित एवं संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “स्वामी विवेकानंद और राजमाता जिजाऊ केवल इतिहास की महान हस्तियाँ नहीं हैं, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विद्यार्थियों को शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ सामाजिक चेतना, नैतिकता और राष्ट्रप्रेम को भी विकसित करना चाहिए—यही सूर्यदत्त संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।”
कार्यक्रम में संस्था की उपाध्यक्षा सौ. सुषमा चोरडिया, महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। विचारोत्तेजक भाषणों, सम्मान समारोह एवं प्रेरणादायी वातावरण के कारण यह कार्यक्रम सभी उपस्थितों के लिए अविस्मरणीय सिद्ध हुआ।


