बिना पूर्व सूचना झुग्गियां तोड़े जाने के विरोध में झोपड़पट्टी सुरक्षा दल का उग्र मोर्चा

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 झोपड़पट्टी सुरक्षा दल का जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार ‘धडक’ मोर्चा

पुणे | प्रतिनिधि – खडकवासला पाटबंधारे विभाग के कार्यकारी अभियंता द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के वडगांव धायरी क्षेत्र में लगभग 80 झुग्गियों को अवैध रूप से तोड़े जाने की घटना के विरोध में झोपड़पट्टी सुरक्षा दल की ओर से जोरदार और उग्र मोर्चा निकाला गया। इस कार्रवाई के कारण करीब 800 नागरिक बेघर हो गए।

यह मोर्चा फर्ग्युसन कॉलेज रोड, शिवाजीनगर से प्रारंभ होकर पुणे महानगरपालिका, सिंचन भवन होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचा। इस दौरान प्रशासन को लिखित निवेदन सौंपा गया।

मोर्चे का नेतृत्व भगवानराव वैराट ने किया। मोर्चे में काशीनाथ गायकवाड, मोहम्मद शेख, दत्ता कांबळे, सुरेखा भालेराव, वैशाली अवघडे, वंदना पवार, गणेश लांडगे, संतोष कदम, नाना थोरात, सुनीता आडसुळ, अरुणा तांगडे, श्रीनिवास आखाडे, तुषार मोरे, आबा चव्हाण, संतोष बोचालजी, संतोष रणदिवे सहित लगभग 700 से 800 महिलाएं-पुरुष शामिल हुए। इसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।

महाराष्ट्र में झोपड़पट्टी धारकों पर लागू महाराष्ट्र झोपड़पट्टी सुधार, उन्मूलन एवं पुनर्वसन अधिनियम 2015 तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार प्रतिबंधक अधिनियम 1989 के तहत बिना पूर्व सूचना दलितों की झुग्गियां तोड़े जाने को गंभीर अपराध बताते हुए संबंधित अधिकारियों पर धारा 3 एवं 4 के अंतर्गत कार्रवाई की मांग की गई। इस मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही शासकीय गायरान भूमि पर स्थित झुग्गियों के संबंध में औरंगाबाद खंडपीठ के आदेशों के अनुसार निर्णय लागू करने की मांग की गई।

इसी मोर्चे में डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के अंतर्गत फर्ग्युसन कॉलेज में पिछले दस वर्षों से कार्यरत महिला सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, चिकित्सा सुविधा, पीएफ, ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक लाभ न दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम 1952 और कॉन्ट्रैक्ट लेबर अधिनियम 1970 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए संबंधित ठेकेदार पर दंडात्मक कार्रवाई कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग की गई।

इन सभी मांगों पर चर्चा के लिए डेक्कन एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष राऊत के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सकारात्मक चर्चा के बाद लिखित समझौता कर कर्मचारियों को उचित लाभ देने का आश्वासन दिया गया।

इस अवसर पर पुणे आयुक्त नवल किशोर राम, पाटबंधारे विभाग के सहायक मुख्य अभियंता शिवाजी जाधव तथा उपजिलाधिकारी ज्योति कदम को निवेदन सौंपा गया।

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