‘उमेद फाउंडेशन’ का महाराष्ट्र का पहला ‘बालक-पालक प्रकल्प’ का उद्घाटन चंद्रकांत पाटिल के हाथो

Spread the love

दिव्यांग बच्चों और उनके माता-पिता के लिए आशा की नई किरण

पुणे : दिव्यांग (मतिमंद) बच्चों और उनके माता-पिता के भविष्य को सुरक्षित  दिशा देने के ‘उमेद फाउंडेशन’ ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए महाराष्ट्र का पहला ‘बालक-पालक प्रकल्प’ शुरू किया है। इस प्रकल्प की इमारत के उद्घाटन तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल के हाथों किया गया. इस मौके पर  बीजेपी प्रवक्ता संदीप खर्डेकर , नगरसेविका मंजुश्री   खर्डेकर आदि सहित  सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक उपस्थित थे.

इस अवसर पर चंद्रकांत पाटिल ने कहा, “दुनिया में ऐसा कोई नहीं जिसे समस्या न हो, और ऐसी कोई समस्या नहीं जिसका समाधान न हो। किसी को तो शुरुआत करनी होती है। जब प्रयास ईमानदार होते हैं, तो मदद अपने-आप खड़ी हो जाती है।”
साथ ही यह भी कहा गया कि “सेवा का पुण्य प्रचार से नहीं, संवेदना से बढ़ता है।”

इस मानवीय पहल के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्कारों से प्रेरित एक स्वयंसेवक राकेश सणस का विचार है।इस मौके पर राकेश सणस ने एक मार्मिक अनुभव साझा किया।  उन्होंने बताया चौथे चरण के कैंसर से पीड़ित एक दिव्यांग बच्चे के अभिभावक ने इस प्रकल्प की जानकारी मिलने पर कहा—“अब मैं मरने के लिए नहीं, जीने के लिए निश्चिंत हूं।” यह सुनकर उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो गईं और जीवन के अर्थ की नई परिभाषा सामने आई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *