पुणे : भारती विद्यापीठ अभिमत विश्वविद्यालय के पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा आयोजित ३९वीं राज्यस्तरीय फार्मेसी क्रिकेट कप प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पुणे तथा महिला वर्ग में इंदिरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी की टीम विजेता बनी। यह प्रतियोगिता २१ से २७ फरवरी २०२६ के दौरान भारती विद्यापीठ, एरंडवणे परिसर में आयोजित की गई थी। २७ फरवरी २०२६ को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि सिंहगड कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पुणे के प्राचार्य डॉ. राजेश पाटील के हाथों विजेताओं को फार्मेसी कप और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. आत्माराम पवार, उपप्राचार्य डॉ. वर्षा पोखरकर तथा उपप्राचार्य डॉ. एल. सथियनारायणन उपस्थित थे।
प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह २१ फरवरी २०२६ को ब्राउनडोव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के उपाध्यक्ष चंदन राजमाने की उपस्थिति में भव्य रूप से संपन्न हुआ। पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने १५ वर्षों के अंतराल के बाद फार्मेसी कप अपने नाम किया, जबकि इंदिरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने लगातार पाँचवीं बार खिताब जीतकर अपना वर्चस्व कायम रखा। प्रतियोगिता का संयोजन अक्षय खांडके, डॉ. सतीश मंडलिक, फार्मेसी कप संयोजन प्रमुख सौ. प्रियंका कंधारे, डॉ. ज्ञानदेवी मथुरे तथा डॉ. नीलेश देशमुख (क्रीड़ा प्रमुख) ने किया। यह प्रतियोगिता फार्मेसी विद्यार्थियों में संवाद और खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों और औषधनिर्माण कंपनियों की कुल ११ पुरुष तथा ७ महिला टीमों ने भाग लिया।
महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले में शिवनगर विद्या प्रसारक मंडल (एसवीपीएम) कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बारामती और इंदिरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी के बीच मुकाबला हुआ। इंदिरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ८ ओवर में १०३ रन बनाए। जवाब में एसवीपीएम कॉलेज की टीम ४८ रन ही बना सकी और इंदिरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने खिताब अपने नाम किया।
पुरुष वर्ग के फाइनल में जीवनधारा फार्मा कंपनी और पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी आमने-सामने थे। पहले बल्लेबाजी करते हुए पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने २० ओवर में १५२ रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए जीवनधारा फार्मा कंपनी १४२ रन ही बना सकी और पूना कॉलेज ऑफ फार्मेसी विजेता बना।


