पुणे: मानवता, करुणा और अहिंसा की प्रतीक पद्मश्री परम पूज्य आचार्य श्री चंदनाजी महाराज साहेब (ताई माँ) के महाप्रयाण से देशभर में गहरा शोक व्याप्त है। उनके निधन से आध्यात्मिक जगत और समाज सेवा के क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।
आचार्य चंदनाजी महाराज ने अपने पूरे जीवन को सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के कार्यों के लिए समर्पित किया। उन्होंने “जहाँ जिनालय, वहाँ विद्यालय, वहाँ चिकित्सालय” का संदेश देते हुए देशभर में समाज उत्थान के अनेक प्रेरणादायक कार्य किए। उनके प्रवचनों, सादगीपूर्ण जीवन और उच्च विचारों ने असंख्य लोगों को सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
वे केवल एक संत ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक, मार्गदर्शक और शिक्षिका भी थीं। उनके कार्यों ने लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक दिशा दी। उनके देहावसान से उत्पन्न हुआ यह शून्य भर पाना अत्यंत कठिन माना जा रहा है, लेकिन उनके आदर्श और विचार सदैव समाज को प्रेरित करते रहेंगे।
सूर्यदत्ता ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स एवं सूर्यभारत ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज, पुणे की ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संस्था ने स्वयं को सौभाग्यशाली बताया कि वर्षों तक उन्हें आचार्यश्री का आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। आचार्य चंदनाजी महाराज को पद्मश्री सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया गया था। उन्हें वर्ष 2017 में सूर्यरत्न राष्ट्रीय आजीवन उत्कृष्टता पुरस्कार, 2023 में राजभवन मुंबई में सूर्यदत्त स्त्री शक्ति राष्ट्रीय पुरस्कार तथा 2026 में सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में ग्लोबल पीस गांधीयन फिलॉसॉफी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
उनकी स्मृति और उनके आदर्श सदैव समाज को दिशा देते रहेंगे। देशभर में श्रद्धालु उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।


