तीर्थस्थलों के विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं के साथ समयसीमा में पूरे करें – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

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महाराष्ट्र के विभिन्न तीर्थस्थलों, किलों और ऐतिहासिक स्थलों के विकास हेतु 993 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी

मुंबई, 18 मई ( भारत डायरी समाचार सेवा) : राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीर्थस्थल विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित शिखर समिति की बैठक में छह प्रमुख तीर्थस्थलों और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए कुल 993.72 करोड़ रुपये के विकास आराखड़ों और निधि को मंजूरी दी गई।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, वनमंत्री गणेश नाईक, ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, विधायक दिलीप वळसे पाटील, विधायक धनंजय मुंडे, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भीमाशंकर विकास के लिए 172 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री क्षेत्र भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र का सर्वांगीण और शाश्वत विकास किया जाए। इसके तहत आधुनिक बस स्टैंड, पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण, पैदल मार्ग, कवर्ड कॉरिडोर, एम्फीथिएटर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नया पुलिस स्टेशन और विश्रामगृह बनाए जाएंगे। डिंभे बांध क्षेत्र में सबस्टेशन, रोपवे सुविधा, एमटीडीसी रिसॉर्ट विकास और नई पर्यटन सुविधाओं का भी नियोजन किया जाएगा। इस परियोजना पर 172.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे और मई 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
संत तुकाराम महाराज जन्मस्थान विकास के लिए 41 करोड़ रुपये
देहू स्थित संत तुकाराम महाराज जन्मस्थान, वैकुंठगमन मंदिर और भंडारा डोंगर क्षेत्र के संरक्षण व विकास के लिए 41.71 करोड़ रुपये का आराखड़ा मंजूर किया गया। इसमें सड़क सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए निवास सुविधा, सूचना केंद्र, हरित क्षेत्र संरक्षण और वृक्षारोपण शामिल हैं।
किला अजिंक्यतारा संरक्षण हेतु 134 करोड़ रुपये
सातारा जिले के ऐतिहासिक किला अजिंक्यतारा के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए 134.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें पायाभूत सुविधाएं, दर्शक गैलरी, पैदल मार्ग, लैंडस्केपिंग, बुरुज संरक्षण, पर्यटन आकर्षण, आधुनिक झूलता पुल और स्वच्छता सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
संगम माहुली समाधि स्थल के लिए 133 करोड़ रुपये
संगम माहुली में महारानी ताराबाई, महारानी येसूबाई और छत्रपति शाहू महाराज की समाधियों के जीर्णोद्धार और परिसर विकास के लिए 133 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यहां संगमेश्वर मंदिर, घाट, झूलता पुल, व्यूइंग गैलरी और आधुनिक पाथवे विकसित किए जाएंगे।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग विकास के लिए 210 करोड़ रुपये
छत्रपति संभाजीनगर जिले के वेरुळ स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के विकास के लिए 210.45 करोड़ रुपये के संशोधित आराखड़े को मंजूरी दी गई है। इसमें भक्त निवास, दर्शन प्रतीक्षागृह, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फंक्शन हॉल, घाट और 1.6 किलोमीटर लंबे बायपास रोड का निर्माण शामिल है।
परळी वैजनाथ मंदिर विकास हेतु 301 करोड़ रुपये
परळी वैजनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर के विकास के लिए 301.54 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आराखड़े को मंजूरी दी गई है। तीन चरणों में होने वाले इस विकास में भव्य प्रवेशद्वार, डिजिटल कतार व्यवस्था, अन्नछत्र, योग-ध्यान केंद्र, घाट, साइकिल ट्रैक, दिव्यांग सुविधाएं, फूड कोर्ट, सीसीटीवी सुरक्षा, शिवमूर्ति, वैदिक संग्रहालय, एम्फीथिएटर और लेजर लाइट एंड साउंड शो जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बैठक में पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, बीड के जिलाधिकारी विवेक जॉनसन और सातारा के जिलाधिकारी संतोष पाटील ने संबंधित विकास आराखड़ों का प्रस्तुतीकरण किया।

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