“नीट 2026 पेपर लीक मामले पर पुणे में आक्रोश; शिक्षा माफियाओं के खिलाफ छावा संगठन का तीव्र आंदोलन”

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 “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग; प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प”
 
पुणे : देशभर में चर्चा का विषय बने नीट 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर पुणे में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले की गहन जांच कर संबंधित शिक्षा माफियाओं, एजेंटों और कोचिंग क्लासेस पर कड़ी कार्रवाई की जाए, इस मांग को लेकर अखिल भारतीय छावा संगठन की ओर से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार आंदोलन किया गया।
 
इस आंदोलन के दौरान नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरसीसी क्लासेस के संस्थापक अध्यक्ष शिवराज मोटेगावकर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ तीव्र नाराजगी जताते हुए दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की।
 
इसी बीच अखिल भारतीय छात्र संगठन के पश्चिम महाराष्ट्र अध्यक्ष मच्छिंद्र चिंचोळे ने अपने शरीर पर डीजल डालकर आंदोलन को और उग्र बना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आंदोलनकारियों को शांत करने का प्रयास किया।
 
इस अवसर पर बोलते हुए मच्छिंद्र चिंचोळे ने कहा कि देशभर में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं के कारण लाखों विद्यार्थियों का मानसिक, शैक्षणिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। छात्र दिन-रात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन कुछ शिक्षा माफिया और भ्रष्ट प्रवृत्तियों की वजह से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। उन्होंने कहा कि लातूर में इस मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन पूरे रैकेट से जुड़े सभी लोगों की जांच होना बेहद जरूरी है।
 
चिंचोळे ने आगे आरोप लगाया कि पुणे के कई कोचिंग क्लासेस नियमों के विरुद्ध प्रवेश प्रक्रिया चला रहे हैं और बड़े-बड़े विज्ञापनों तथा झूठी सफलता की कहानियों के जरिए छात्रों को गुमराह कर रहे हैं। कुछ संस्थाएं विद्यार्थियों से लाखों रुपये की फीस वसूल रही हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बजाय केवल व्यावसायिक लाभ के लिए शिक्षा व्यवस्था चलाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि ऐसी संस्थाओं की आर्थिक जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।
 
साथ ही, पेपर लीक के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता दी जाए तथा परीक्षा देने वाले लगभग 22 लाख विद्यार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ऐसी मांग भी संगठन की ओर से की गई।
 
इस आंदोलन में पश्चिम महाराष्ट्र अध्यक्ष मच्छिंद्र चिंचोळे, पुणे जिलाध्यक्ष अक्षय बोडके, पुणे जिला अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष सैयद समीर टीपू, सीताराम वाघ, विष्णु एंकमळे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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