पुणे । पुणे महानगरपालिका की संपत्ति कर विभाग द्वारा बार-बार लागू की जा रही ‘अभय योजना’ पर अब सवाल उठने लगे हैं। सजग नागरिक मंच के अध्यक्ष विवेक वेलणकर ने आरोप लगाया है कि इस योजना का लाभ ईमानदार करदाताओं की बजाय बार-बार टैक्स बकाया रखने वालों को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, 15 नवंबर 2025 से 15 मार्च 2026 तक लागू की गई अभय योजना को 67 हजार 956 बकायादारों ने नजरअंदाज कर दिया। आरटीआई से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, 2020-21 में योजना का लाभ लेने वाले 1.49 लाख करदाताओं में से 67 हजार से अधिक लोग फिर से बकायादार बन गए। वहीं 2021-22 के लाभार्थियों में भी बड़ी संख्या दोबारा थकबाकीदार बन चुकी है।
विवेक वेलणकर ने सवाल उठाया कि समय पर टैक्स भरने वाले नागरिकों के साथ यह अन्याय नहीं है क्या? उन्होंने मांग की कि योजना को ठुकराने वाले बकायादारों पर संपत्ति जब्ती, सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा अभय योजना केवल कागजी घोषणा बनकर रह जाएगी।
इस मुद्दे पर अब शहर में चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर बार-बार की जा रही टैक्स माफी योजनाएं करचोरी को बढ़ावा तो नहीं दे रही हैं।
अभय योजना पर उठे सवाल, क्या बकायादारों को मिल रहा ‘अभयदान’?


