ट्रैवलपोर्ट, कॉग्निजेंट और एंथ्रोपिक ने AI के इस दौर में ट्रैवल टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाने के लिए साझेदारी की

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  • ट्रैवलपोर्ट, कॉग्निजेंट और एंथ्रोपिक साथ मिलकर AI पर आधारित ट्रैवल इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं, ताकि ट्रैवल टेक्नोलॉजी के निर्माण, परीक्षण और रखरखाव के तरीके को आधुनिक बनाया जा सके।
  • ये तीनों मिलकर AI पर आधारित ट्रैवल में मौजूद एक अहम कमी को दूर कर रहे हैं: वे सोच-विचार करने और योजना बनाने वाले सिस्टम्स को सीधे उन प्लेटफॉर्म्स से जोड़ने वाले हैं, जो असल में लेन-देन करने में भी सक्षम हों।

बेंगलुरु, – कॉग्निजेंट (NASDAQ: CTSH) और ट्रैवलपोर्ट साथ मिलकर AI के जरिए सुनियोजित तरीके से बदलाव लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत ट्रैवलपोर्ट अपने ट्रैवल रिटेलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म पर सॉफ्टवेयर बनाने, परीक्षण करने और रखरखाव की प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए एंथ्रोपिक के क्लॉड का इस्तेमाल करेगा। AI से जुड़ी नई तकनीक को दुनिया भर की एयरलाइंस, होटल मालिकों, ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियों और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों तक तेज़ी से पहुँचाने के साथ-साथ ट्रैवलपोर्ट के प्लेटफॉर्म में ही AI फीचर्स को जोड़ने के उद्देश्य से यह साझेदारी की गई है।

पिछली सदी में ही तैयार किए गए ये बुकिंग सिस्टम अब मौजूदा ज़रूरतों के हिसाब से तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं: जिसकी वजह से एजेंसियों की लागत बढ़ गई है क्योंकि वहां काम करने वाले एजेंटों को आज भी बेहद मुश्किल और पेचीदा यात्रा कार्यक्रमों की योजना खुद से बनानी पड़ रही है। इसके अलावा, आजकल यात्री AI टूल्स का इस्तेमाल करके जिस तरह सर्च करते हैं, और मौजूदा प्लेटफॉर्म्स उस सर्च को समझकर जिस तरह उनकी जरूरतों को पूरा करते हैं, उसके बीच एक बड़ा अंतर आ गया है। यह साझेदारी एक इंटेलिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करके इन बुनियादी चुनौतियों को दूर करेगी, जिसका उद्देश्य यात्रा के इरादे को एआई की मदद से पक्की बुकिंग में बदलना है।

 

ट्रैवलपोर्ट का ये प्लेटफॉर्म ट्रैवल एजेंसियों और ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनियों (TMC) के ज़्यादातर दिमागी कामों को अपने आप कर लेगा, जिन्हें एजेंट अब तक खुद से करते आए हैं। इनमें, जरूरत के हिसाब से सही विकल्पों को तेज़ी से दिखाना, बुकिंग में बदलाव और दोबारा बुकिंग की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाना, और यात्रा के दौरान सामने आने वाली रुकावटों की पहले से जानकारी देना शामिल है। उदाहरण के लिए, अगर कोई एजेंट अपने बिज़नेस के लिए जाने वाले किसी यात्री के सफ़र को संभाल रहा है, तो वह ऐसे रास्तों का सुझाव दे सकता है जिनमें रुकावट आने का खतरा आंकड़ों के हिसाब से कम हो। ट्रैवलपोर्ट के ग्राहकों का अनुमान है कि अगर किसी बड़ी TMC में हर एजेंट का रोज़ाना सिर्फ़ एक घंटा भी बचे, तो इससे सालाना प्रोडक्टिविटी में लाखों डॉलर का फ़ायदा होता है।

 

ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों के लिए यह चुनौती उनके सिस्टम की बनावट से जुड़ी है, क्योंकि मौजूदा दौर के यात्री अपनी यात्रा की योजना बनाने के लिए बड़ी तेजी से AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ लेन-देन करने वाले ये सिस्टम उनकी पसंद को पूरी तरह समझ नहीं पाते। ट्रैवलपोर्ट का MCP-आधारित सिस्टम यात्रियों की बातचीत वाले अनुरोधों को वास्तविक समय में उपलब्धता के साथ सीधे पक्की बुकिंग में बदल देगा, जिससे सिस्टम की इस कमी को एक बड़े मुनाफे वाले मौके में बदलना संभव होगा।

इस मौके पर कॉग्निजेंट के सीईओ, रवि कुमार एस. ने कहा, “ट्रैवल इंडस्ट्री आज भी दुनिया के सबसे उलझे हुए और जटिल टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करती है। आने वाले समय में वही कंपनियाँ आगे रहेंगी, जो आज इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में निवेश कर रही हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य ट्रैवलपोर्ट को ऐसे टूल्स देना है, जिससे वह तेजी से आगे बढ़ते हुए लगातार बदल रहे ट्रैवल डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में चुनौतियों का सामना कर सके और बड़े पैमाने पर बेहतरीन गुणवत्ता वाली सेवाएं दे सके। एआई बिल्डर मॉडल को खास इसी काम के लिए डिज़ाइन किया गया है।”

 

ट्रैवलपोर्ट के सीईओ, जॉन मैंगेलेर्स ने कहा, “AI कोई भविष्य की बात नहीं है, यह आज के दौर की जरूरत है, और इसे बड़ी तेज़ी से अपनाने वाली और समझदारी से आगे बढ़ने वाली कंपनियाँ आने वाले समय में ट्रैवल टेक्नोलॉजी के मायने को बदल देंगी। कॉग्निजेंट और एंथ्रोपिक के साथ साझेदारी से हमें AI की असली सुपरपावर मिली है। एंथ्रोपिक के पास सबसे बेहतरीन AI मॉडल्स और टूल्स हैं; कॉग्निजेंट के पास इन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए शानदार इंजीनियरिंग प्रतिभा और आगे बढ़ाने की क्षमता है; और ट्रैवलपोर्ट के पास वो ट्रैवल इंफ्रास्ट्रक्चर और अपने भागीदारों का नेटवर्क है जो इन सब चीजों को बुकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन की असली दुनिया से जोड़ता है।”

 

मैंगेलेर्स ने आगे कहा, “एंथ्रोपिक ने MCP भी विकसित किया है, जो एक ऐसा प्रोटोकॉल है जिसके जरिए AI एजेंट्स बाहर के सिस्टम्स और डेटा के साथ सीधे जुड़ सकते हैं। इसलिए इस प्रोटोकॉल को बनाने वाले संगठन को चुनने का फैसला लेना बहुत आसान था। सुरक्षा, भरोसे और कंट्रोल को लेकर उनका तरीका भी हमारे लिए बहुत मायने रखता है, क्योंकि ट्रैवल एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ बहुत ज़्यादा भरोसे की ज़रूरत होती है, डेटा बहुत संवेदनशील होता है और एक छोटी-सी गलती का भी बड़ा असर पड़ सकता है।”

यह सीमित स्तर पर शुरू किया गया कोई पायलट प्रोजेक्ट नहीं है। इसका उद्देश्य कॉग्निजेंट और एंथ्रोपिक के साथ मिलकर ट्रैवलपोर्ट के काम करने के तरीके में बड़े पैमाने पर बदलाव लाना है। शुरुआत में पूरा ध्यान ‘ट्रैवलपोर्ट ट्रिप सर्विसेज’ पर होगा। यह बुकिंग, एक्सचेंज, रिफंड और बाकी सेवाओं का काम संभालने वाला प्लेटफ़ॉर्म है, और इसके ऊपर MCP-आधारित इंटरफ़ेस लेयर काम करती है। यह काम ट्रैवलपोर्ट के क्लाउड-नेटिव प्लेटफॉर्म पर चल रहा है, जो बहुत जल्द बड़े पैमाने पर सामने आने वाला है। उम्मीद है कि ग्राहकों के लिए उपलब्ध होने वाली पहली सुविधाएँ इसी साल बाज़ार में आ जाएँगी।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, रिच कोनेल, हेड ऑफ़ एलायंस, एंथ्रोपिक ने कहा, “कॉग्निजेंट के साथ मिलकर ट्रैवलपोर्ट जो करने जा रहा है, वह इस बात की मिसाल है कि किसी उलझी हुई इंडस्ट्री को नए जमाने के हिसाब से कैसे बदला जाता है। बड़े और पेचीदा कोडबेस को गहराई से समझना और उस पर काम करना ही क्लॉड की सबसे बड़ी खासियत है और ट्रैवल इंफ्रास्ट्रक्चर को बिल्कुल इसी चीज़ की ज़रूरत है। क्लॉड को ज़्यादा से ज़्यादा कंपनियों तक पहुँचाने के लिए, एक भरोसेमंद साझेदार के तौर पर कॉग्निजेंट का साथ देना हमारे लिए गर्व की बात है।”

कॉग्निजेंट अपने इंजीनियरिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ-साथ डिलीवरी प्रक्रियाओं में भी क्लॉड को शामिल कर रहा है, जिसमेंNeuro-sanभी शामिल है जो कॉग्निजेंट के Neuro® AI मल्टी-एजेंट एक्सेलेरेटर को चलाने वाली ओपन-सोर्स लाइब्रेरी है। क्लॉड के जरिए अब AI की मदद से कोड बनाना, टेस्ट तैयार करना और पुल-रिक्वेस्ट की समीक्षा करना काफी आसान हो जाएगा। इसकी बड़ी कॉन्टेक्स्ट विंडो ट्रैवलपोर्ट के पूरे कोडबेस को अच्छे से समझकर उससे बड़े पैमाने पर जुड़ी बिज़नेस लॉजिक को सामने लाती है, जो किसी भी कंपनी के सिस्टम को आधुनिक बनाने में तकनीकी रूप से सबसे मुश्किल काम है। उम्मीद है कि इन सब खूबियों से ट्रैवलपोर्ट के लिए सॉफ्टवेयर बनाकर उसे उपलब्ध कराने में लगने वाला समय काफी हद तक काम हो जाएगा।

 

ट्रैवलपोर्ट के साथ इस काम की शुरुआत कॉग्निजेंट की AI बिल्डर रणनीति का एक बड़ा उदाहरण है: इसमें इंडस्ट्री की समझ, शुरू से अंत तक सिस्टम को आपस में जोड़ना और रोजमर्रा के कामकाज की जिम्मेदारी संभालना शामिल है, ताकि कंपनियां AI के छोटे-मोटे प्रयोगों को छोड़कर बड़े स्तर पर असल काम शुरू कर सकें। कॉग्निजेंट के ग्लोबल एआई नेटवर्क में एंथ्रोपिक बेहद अहम और मुख्य भागीदार है, और यह प्रोजेक्ट कॉग्निजेंट और एंथ्रोपिक के बीच नवंबर 2025 में हुई रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाता है।

 

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कॉग्निजेंट का परिचय

कॉग्निजेंट (NASDAQ: CTSH) एक AI बिल्डर और टेक्नोलॉजी संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी है, जो अपने ग्राहकों के लिए संपूर्ण AI सॉल्यूशंस विकसित करती है, ताकि उनके AI में निवेश को व्यवसाय में होने वाले वास्तविक लाभ में बदला जा सके। इस इंडस्ट्री और प्रक्रियाओं की गहरी जानकारी के साथ-साथ इंजीनियरिंग में अपनी विशेषज्ञता की मदद से हम कंपनियों की ज़रूरतों को उनकी टेक्नोलॉजी से इस तरह जोड़ते हैं कि वे इंसानी काबिलियत को बढ़ा सकें, जिसका वास्तव में लाभ मिले और वैश्विक कंपनियां भी तेज़ी से बदलती दुनिया में सबसे आगे बनी रहे। यह कैसे होता है, इस बारे में जानने के लिए www.cognizant.com या @cognizant पर जाएँ।

 

ट्रैवलपोर्ट का परिचय
ट्रैवलपोर्ट यात्रा संबंधी सेवाओं के लिए इंटेलिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली कंपनी है, जो दुनिया भर में लाखों ट्रैवल सप्लायर्स के लिए बुकिंग को सुगम बनाती है। इसे ट्रैवल सॉफ्टवेयर की आपूर्ति करने वाली 160 कंपनियों में पहला स्थान (G2 सर्वे, दिसंबर 2025) मिला है। ट्रैवलपोर्ट का मुख्यालय यूनाइटेड किंगडम के लंदन में स्थित है और यह 165 से ज़्यादा देशों में अपने कामकाज का संचालन करता है। अधिक जानकारी के लिएwww.travelport.comपर जाएँ।

 

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