सम्मेलन में “भविष्य का कार्यस्थल: तकनीक और इंसान के बीच संतुलन” विषय पर हुई चर्चा
पुणे, : इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया (आईएसबी एंड एम), पुणे द्वारा आयोजित वार्षिक भव्य सम्मेलन ‘एचआर शेयर 2025’ बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। छात्रों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन संस्थान के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार और प्रो. राजू धर ने किया।
“कार्य के भविष्य की दिशा: प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच अंतर का संघर्ष” विषय पर आधारित इस सम्मेलन में प्रौद्योगिकी और मानव के बीच संबंधों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव और कार्य के भविष्य पर गहन चर्चा की गई।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर से 500 से अधिक प्रतिनिधियों, 100 कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों और 50 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि, सीमेंस हेल्थिनियर्स के सीएचआरओ, राहुल कुलकर्णी और विशिष्ट अतिथि के रूप में अदानी रियल्टी के बिजनेस एचआर प्रमुख, श्रीकांत पवार उपस्थित थे।
अपने भाषण में, राहुल कुलकर्णी ने कहा, “यह तकनीक बनाम लोग नहीं है – बल्कि तकनीक के साथ लोग हैं। भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ये दोनों एक-दूसरे के पूरक कैसे हैं।”
श्रीकांत पवार ने कहा, “हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ लोग और तकनीक वास्तव में साथ-साथ प्रगति करेंगे।”
मुख्य वक्ता *विनोद राजदान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सीएचआरओ, गैब्रियल इंडिया, और समित बसु, सीएचआरओ, आदित्य बिड़ला समूह-हिंडाल्को ने तकनीक के युग में मानवीय संबंधों, संगठनात्मक नेतृत्व और परिवर्तन प्रबंधन पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की।
गेल, अस्सा एबलॉय, एटीओएस, बोइंग, कैरियर, ईवाई, फ्लिपकार्ट, आईआईएफएल फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मेलन में भाग लिया।
ज़ी एंटरटेनमेंट की दिव्या शुक्ला ने मीडिया उद्योग में मानव संसाधन की बदलती भूमिका और रचनात्मकता एवं संगठनात्मक उत्कृष्टता के बीच संतुलन बनाने के तरीके पर एक व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक ब्लैक ऑरेंज टैलेंट एक्जीक्यूटिव, सहयोगी प्रायोजक क्रेडिला और सह-प्रायोजक आरटीईके साउंड सॉल्यूशंस थे।
इस अवसर पर बोलते हुए, आईएसबी एंड एम के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा,
“भविष्य उनका है जो तकनीक के साथ जीना सीखते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में, निरंतर सीखना और बदलाव को अपनाने का दृष्टिकोण ही सफलता का रहस्य होगा।”
एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त और एएमबीए व एएसीएसबी इंटरनेशनल से मान्यता प्राप्त, आईएसबी एंड एम को उत्कृष्ट प्रबंधन शिक्षा के लिए देश के अग्रणी संस्थानों में से एक माना जाता है। इसके 12,000 से अधिक पूर्व छात्र 46 देशों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में कार्यरत हैं।
‘एचआर शेयर 2025’ जैसी पहल उद्योग और शिक्षा के बीच संबंध को मजबूत करने का एक बेहतरीन उदाहरण है – जहाँ “ज्ञान अवसर देता है और नेतृत्व उद्देश्य देता है।”


