भविष्य केंद्रित अत्याधुनिक ऑर्थोकेअर सुविधा और एआय इनोव्हेशन लॅब का उद्घाटन
पद्मश्री,पद्मभूषण और पद्मविभूषण डॉ.के.एच.संचेती इन्होने इस संस्था की स्थापना 12 दिसंबर 1965 को की. एक छोटे से 10 बेडस वाले अस्पताल से हर साल लाखों मरीजों का इलाज करने की क्षमता तक यह अस्पताल पहुंच गया है. मोबिलिटी इज़ डिग्निटी के सिद्धांत के ज़रिए, संचेती हॉस्पिटल ने ऑर्थोपेडिक्स, रिहैबिलिटेशन, रिसर्च और मेडिकल एजुकेशन में अपनी पहचान बनाई है.
पिछले 6 दशकों में, हॉस्पिटल ने जॉइंट रिप्लेसमेंट, स्पाइन ट्रीटमेंट, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स, ट्रॉमा, स्पोर्ट्स मेडिसिन, रूमेटोलॉजी, न्यूरो रिहैबिलिटेशन और दूसरी सबस्पेशलिटीज़ में एक बड़ा सर्विस इकोसिस्टम बनाया है. संचेती हॉस्पिटल ने भारत और विदेश के मरीज़ों के लिए जटिल ऑर्थोपेडिक बीमारियों के इलाज के लिए एक रेफरल सेंटर के तौर पर नाम कमाया है.
छह दशकों का यह महत्वपूर्ण पड़ाव पार करते हुए, संचेती ॲडव्हान्स्ड ऑर्थोकेअर हॉस्पिटल की नई 150 बेडस की सुविधा शुरू की गई है, जिससे हॉस्पिटल की बुनियादी संरचना और वैद्यकीय उपचार क्षमता में विस्तार हुआ है. इस नई सुविधा में अत्याधुनिक निदान, बहु-शाखीय उपचार, उन्नत रोबोटिक रिहैबिलिटेशन और स्पेशालिटी क्लिनिक्स शामिल हैं. इस नई सुविधा के साथ संचेती हॉस्पिटल की एकत्रित क्षमता अब 300 बेड तक पहुँच गई है.


