एनसीपी के विलय की अटकलें, भविष्य में साथ काम करना पड़े तो आश्चर्य नहीं: चंद्रकांतदादा पाटिल

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पुणे। महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रकांतदादा पाटिल ने कहा है कि यदि भविष्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों का विलय होता है और सत्तारूढ़ सरकार को उनके साथ मिलकर काम करना पड़े, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह सवाल उनके मन में लगातार बना हुआ है।
एक ‘अखबार के जन संवाद कार्यक्रम’ में बोलते हुए पाटिल ने कहा, “शरद पवार और अजित पवार इस नगर निगम चुनाव में साथ क्यों आए हैं? आज वे साथ हैं, लेकिन क्या वे कल भी साथ रहेंगे? यदि दोनों गुट एक हो जाते हैं, तो क्या हमें संयुक्त एनसीपी को साथ लेकर सरकार चलानी पड़ेगी? ऐसे कई प्रश्न मेरे मन में हैं।”
वर्तमान में अजित पवार की एनसीपी और शरदचंद्र पवार गुट की एनसीपी, राज्य स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक गठबंधनों में होने के बावजूद, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव एक साथ लड़ रही हैं। वहीं राज्य में सत्तारूढ़ महायुति में शामिल भाजपा, अजित पवार की एनसीपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना पुणे नगर निगम चुनाव अलग-अलग लड़ रही हैं। भाजपा और शिवसेना के बीच नगर निगम चुनाव को लेकर गठबंधन वार्ता सफल नहीं हो सकी।
चंद्रकांत पाटिल ने अजित पवार द्वारा हाल के दिनों में भाजपा नेताओं की आलोचना पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि महायुति ने कई क्षेत्रों में अलग-अलग चुनाव लड़ने का निर्णय आपसी सहमति से लिया था। “यह तय हुआ था कि हम एक-दूसरे पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेंगे। एकनाथ शिंदे ने हमारे खिलाफ कुछ नहीं कहा और हमने भी उनके विरुद्ध बयान नहीं दिए। अजित पवार भी लगभग आठ दिन पहले तक इसी मर्यादा का पालन कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने अचानक रुख बदल लिया। इसके बाद हमें भी जवाब देना पड़ा, अन्यथा लोगों को लगता कि हमारे भीतर कुछ गड़बड़ है,” पाटिल ने स्पष्ट किया।
राज्य की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए पाटिल ने कहा, “पहले महाराष्ट्र की राजनीति शरद पवार के इर्द-गिर्द घूमती थी, लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने अपनी क्षमता से यह साबित कर दिया है कि अब राजनीति उनके केंद्र में घूम रही है। उनके मन में अवश्य कोई दूरगामी रणनीति होगी।”

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