भिवंडी से रसायन का बड़ा जखीरा जब्त, एफडीए मुंढे ने संभाली कमान
पुणे । पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में मिथेनॉल मिश्रित जहरीली देसी शराब पीने से मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। इस दर्दनाक घटना से पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने जांच तेज कर दी है और जहरीली शराब के निर्माण में इस्तेमाल किए गए रसायनों के स्रोत तक पहुंचने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर भिवंडी में बड़ी कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने ‘रेक्स इंटरनेशनल’ नामक कंपनी के गोदाम पर छापा मारा। छापे के दौरान लगभग 5,929 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ जब्त किया गया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि पुणे में बिकने वाली जहरीली शराब के निर्माण में इसी रसायन का उपयोग किया गया था।
जानकारी के अनुसार, दापोडी-फुगेवाड़ी क्षेत्र के एक अवैध हाथभट्टी अड्डे पर मंगलवार रात और बुधवार सुबह कई लोगों ने देसी शराब का सेवन किया था। शराब पीने के बाद लोगों को आंखों में जलन, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और मुंह से झाग निकलने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दिए। कई लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कुछ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीजों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में जारी है। कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
इस बीच, एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के पदभार संभालने के बाद विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों, अवैध दवाओं और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ भी विशेष अभियान शुरू किया है। हाल ही में राज्यभर में करीब 73 लाख रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की गई हैं तथा कई आयुर्वेदिक और औषधि विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई है।
जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन, पुलिस और उत्पाद शुल्क विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। सरकार ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


