पुणे : एल्यूमिनियम सैंड कास्टिंग क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनी तौरल इंडिया के सुपा स्थित नए उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे। यह उद्घाटन समारोह अहिल्यानगर जिले के सुपा एमआईडीसी में रविवार (8 फरवरी) सुबह 10 बजे आयोजित किया जाएगा। ‘एल्यूमिनियम मैन ऑफ इंडिया’ और तौरल इंडिया के संस्थापक भरत गीते ने यह जानकारी पुणे में आयोजित पत्रकार परिषद में दी। इस अवसर पर कंपनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमाकांत शिवणकर तथा कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस के सहायक प्रबंधक निलेश जायभाये उपस्थित थे।
भरत गीते ने बताया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को लेकर शुरू की गई तौरल इंडिया ने चाकण के बाद अब सुपा एमआईडीसी में अपना दूसरा उत्पादन संयंत्र स्थापित किया है। इस संयंत्र में अत्याधुनिक एल्यूमिनियम सैंड कास्टिंग का उत्पादन किया जाएगा। यह परियोजना अहिल्यानगर जिले के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक उपलब्धि साबित होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगी। इसके माध्यम से 1200 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
करीब 12 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला यह संयंत्र इस क्षेत्र के सबसे बड़े एल्यूमिनियम कास्टिंग उत्पादन केंद्रों में से एक है। पूर्ण क्षमता से उत्पादन शुरू होने के बाद यहां 1200 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इसके साथ ही परिवहन, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं, खानपान सेवाओं और लघु उद्योगों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
गीते ने कहा कि इस परियोजना से सुपा क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक अवसर उपलब्ध होंगे और स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में स्थायी और कौशल-आधारित रोजगार मिलेगा। इससे महानगरों की ओर होने वाला पलायन कम होगा। टोरल इंडिया स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, शॉप-फ्लोर प्रशिक्षण और सुरक्षा-केंद्रित औद्योगिक प्रक्रियाओं पर विशेष जोर देगी।
उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2025 में दावोस में हुए 500 करोड़ रुपये के सामंजस्य करार के तहत महज एक वर्ष में इस परियोजना को साकार किया गया है। यह महाराष्ट्र में औद्योगिक निवेश को जमीनी स्तर पर विकास में बदलने का बेहतरीन उदाहरण है। यह संयंत्र रेलवे, ऊर्जा, मोबिलिटी, रक्षा और औद्योगिक बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एल्यूमिनियम घटकों का निर्माण करेगा, जिससे सुपा और अहिल्यानगर को उन्नत विनिर्माण के नए केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।


