पुणे में “गुरुवर्य दादोजी कोंडदेव” एवं “प्रख्यात नाटककार राम गणेश गडकरी” की प्रतिमाओं को पुनः सम्मानपूर्वक स्थापित करने की मांग को लेकर आज सकल ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों ने पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे से मुलाकात कर उन्हें निवेदन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं को शहर में उचित स्थान पर पुनर्स्थापित कर उनका सम्मान कायम रखा जाए। इस दौरान भालचंद्र कुलकर्णी, विश्वजीत देशपांडे, संदीप खर्डेकर, मंदार रेडे, विश्वनाथ भालेराव, मकरंद माणकीकर, मनोज तारे, सौ. तृप्ती तारे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
निवेदन में कहा गया कि जंगली महाराज रोड स्थित छत्रपति संभाजी उद्यान में हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्ते छत्रपति संभाजी महाराज की भव्य प्रतिमा का उद्घाटन किया गया, जिसका सकल ब्राह्मण समाज ने स्वागत किया है।
संगठन के अनुसार, कुछ माह पहले सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से संभाजी उद्यान से प्रसिद्ध साहित्यकार एवं नाटककार राम गणेश गडकरी की प्रतिमा हटाई गई थी। यह प्रतिमा संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के नेता आचार्य प्र. के. अत्रे द्वारा स्थापित की गई थी। समाज ने मांग की कि गडकरी की प्रतिमा को सम्मानजनक स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए।
इसके साथ ही, लाल महल परिसर से हटाई गई गुरुवर्य दादोजी कोंडदेव की प्रतिमा वर्तमान में सिंहगड रोड स्थित पु. ल. देशपांडे उद्यान में उपेक्षित अवस्था में पड़ी होने का उल्लेख करते हुए, उसे भी पुणे शहर में उचित स्थान पर सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित करने की मांग की गई।
सकल ब्राह्मण समाज ने कहा कि पुणे महानगरपालिका विभिन्न समाजों के महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करती है, इसलिए इन दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं का सम्मान बनाए रखना भी आवश्यक है।


