मातृत्व का सफर बना और भी खास; अंकुरा हॉस्पिटल्स के ‘मॉमीज़ डे आउट’ को मिला उत्साहपूर्ण प्रतिसाद

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विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, मनोरंजक खेल और प्रतियोगिताओं का आयोजन

पुणे : महिला एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी अंकुरा हॉस्पिटल्स ने क्रायोविवा लाइफसाइंसेज़ के सहयोग से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों के लिए ‘मॉमीज़ डे आउट’ नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। मातृत्व और अभिभावकत्व की खूबसूरत यात्रा का उत्सव मनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में 150 से अधिक गर्भवती दंपतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ स्त्रीरोग एवं बांझपन विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका सिंह, स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. दीपाली निर्वाणे, फिटल मेडिसिन, फिटल अल्ट्रासोनोग्राफी एवं फिटल थेरेपी विशेषज्ञ डॉ. श्रद्धा शिंदे तथा वरिष्ठ शिशु एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश वैद्य उपस्थित रहे।

अंकुरा हॉस्पिटल्स पिछले 14 वर्षों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत है और अब तक 70,000 से अधिक सफल प्रसव करवा चुका है। अस्पताल द्वारा ‘मॉमीज़ डे आउट’ जैसे उपक्रमों के माध्यम से भावी माता-पिता को सही जानकारी, आत्मविश्वास और सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञों, बाल रोग विशेषज्ञों और फिटल मेडिसिन विशेषज्ञों ने गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियां, प्रसव की तैयारी, संतुलित आहार, स्तनपान, नवजात शिशु की देखभाल तथा मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया। साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में ज़ुम्बा सत्र, कपल डांस, रैंप वॉक, क्विज़ प्रतियोगिता और गर्भवती दंपतियों के लिए कई मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों ने कार्यक्रम में उत्साह और आनंद का माहौल बनाया तथा भावी माता-पिता के बीच संवाद और आत्मविश्वास को बढ़ावा दिया।

इस अवसर पर अंकुरा हॉस्पिटल्स, पुणे के मेडिकल डायरेक्टर एवं नवजात शिशु तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ मदभूषी ने कहा कि गर्भावस्था हर महिला के जीवन का एक बेहद खास और परिवर्तनकारी अनुभव होता है। ‘मॉमीज़ डे आउट’ के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सहयोग, सही जानकारी और सम्मान प्रदान करना हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ गर्भावस्था के भावनात्मक और सामाजिक पहलुओं पर ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में परिवारों ने कार्यक्रम में भाग लेकर विशेषज्ञों से संवाद किया और अभिभावकत्व की यात्रा को अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने के लिए उपयोगी जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य संबंधी सत्रों, प्रतियोगिताओं और मनोरंजक गतिविधियों से यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक बल्कि आनंददायक और प्रेरणादायक भी साबित हुआ।

अंकुरा हॉस्पिटल्स का यह प्रयास गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों के लिए यादगार अनुभव बनाने के साथ-साथ गर्भावस्था के दौरान सामुदायिक सहयोग और जागरूकता के महत्व को भी रेखांकित करता है।

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