पुणे : पूज्य आध्यात्मिक गुरु दादा जे. पी. वासवानी की 108वीं जयंती के अवसर पर साधु वासवानी मिशन की आध्यात्मिक प्रमुख दीदी कृष्णा ने ‘पीस पोर्टल’ (Peace Portal) नामक एक अभिनव डिजिटल मंच का शुभारंभ किया। यह मंच लोगों को मात्र दो मिनट में मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आंतरिक स्थिरता का अनुभव कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
www.sadhuvaswani.org/peace-
युवा वर्ग तथा विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के बीच यह पोर्टल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को देखते हुए इसे कॉर्पोरेट संस्थानों, कार्यालयों तथा शैक्षणिक परिसरों के लिए भी एक प्रभावी और उपयोगी संसाधन के रूप में देखा जा रहा है।
इस पोर्टल का शुभारंभ 2 अगस्त को मनाए जाने वाले वैश्विक क्षमा दिवस (Global Forgiveness Day) के उपलक्ष्य में किया गया। पूजनीय दादा जे. पी. वासवानी की जयंती पर प्रतिवर्ष विश्वभर में यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर दोपहर 2:00 बजे विश्व के लाखों लोग ‘मोमेंट ऑफ़ कॅाल्म’ (Moment of Calm) में सहभागी बनकर दो मिनट के लिए ठहरते हैं, क्षमा का अभ्यास करते हैं, मन का बोझ हल्का करते हैं और शांति को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। इस वर्ष इस वैश्विक अभियान का विषय है—‘प्रोजेक्ट: टाइम टू लेट गो’ (Project: Time 2 Let Go)।
‘पीस पोर्टल’ के साथ #PassThePeace अभियान भी आरंभ किया गया है। इसके माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को इस पोर्टल को अपने मित्रों, परिवारजनों, सहकर्मियों और समाज के अन्य लोगों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि शांति के ये अमूल्य क्षण अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकें।
पीस पोर्टल के बारे में
‘पीस पोर्टल’ एक निःशुल्क डिजिटल मंच है, जो मार्गदर्शित दो-मिनट के ‘रीसेट्स’ के माध्यम से लोगों को ठहरने, स्वयं से जुड़ने और भावनात्मक संतुलन पुनः प्राप्त करने में सहायता करता है। तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली के इस दौर में यह आंतरिक शांति विकसित करने का एक सरल, सुलभ और प्रभावशाली माध्यम है।

परमपूज्य दादा जे. पी. वासवानी के बारे में
दादा जे. पी. वासवानी (1918–2018) विश्वविख्यात मानवतावादी, शिक्षाविद् एवं शांति-दूत थे। प्रेम, क्षमा, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का उनका संदेश आज भी विश्वभर के करोड़ों लोगों के जीवन को प्रेरित कर रहा है। उनकी प्रेरणा से साधु वासवानी मिशन विद्यालयों, अस्पतालों, चिकित्सालयों तथा विविध मानवीय सेवा परियोजनाओं के माध्यम से मानवता की निरंतर सेवा कर रहा है।
‘मोमेंट ऑफ़ कॅाल्म’ के बारे में
‘मोमेंट ऑफ़ कॅाल्म’ एक वैश्विक शांति पहल है, जो लोगों को क्षमा का अभ्यास करने और मन का बोझ त्यागने के लिए प्रेरित करती है, ताकि वे आंतरिक शांति और स्थायी प्रसन्नता का अनुभव कर सकें। पूजनीय दादा जे. पी. वासवानी का विश्वास था—“जिनके हृदय में शांति है, वही विश्व में शांति स्थापित कर सकते हैं।” सामूहिक क्षमा और मानसिक शांति का यह अभियान उनकी इसी प्रेरणादायी दृष्टि को आगे बढ़ा रहा है।
वैश्विक क्षमा दिवस के बारे में
प्रतिवर्ष 2 अगस्त को मनाया जाने वाला वैश्विक क्षमा दिवस विश्वभर के लोगों को दोपहर 2:00 बजे दो मिनट के लिए ठहरकर आत्मचिंतन करने, नकारात्मक भावनाओं को त्यागने तथा शांति की वैश्विक चेतना को सशक्त बनाने का आमंत्रण देता है। प्रेम, करुणा और क्षमा के संदेशवाहक दादा जे. पी. वासवानी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से यह दिवस विश्वभर में मनाया जाता है।


